Sunday, July 16, 2017

'''' सुमन ''''

बड़ा सा दिल रखो अपना खुले गगन की तरह,
रहो बेख़ौफ़ बेपरवाह इस पवन की तरह,

न चुभो तीर बनके दिल में किसी चुभन की तरह,
रहो बिखेरते खुशबू , सदा सुमन की तरह  || 

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