Google+ Followers

Friday, October 24, 2014

उसे अपना कहूँ कैसे

शिकायत मान लो मेरी या ये मेरी खता कहलो ,
मुझे भी राज ऐसे खोलना अच्छा नहीं लगता ।

मगर मैं कसमकस में हूँ उसे अपना कहूँ कैसे ,
जिसे मेरा ही हँसना बोलना अच्छा नहीं लगता । । 






No comments:

Post a Comment