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Saturday, September 20, 2014

यादों को पन्नों पे बिखेड़ा जाये


दिल की आवाज से तन्हाई को तोड़ा जाये,
आज फिर दर्दे- दिले-साज को छेड़ा जाये,  


खोल दिल बंद पड़े अपने पिटारे सारे ,  
आज फिर यादों को पन्नों पे बिखेरा जाये ।|




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