Friday, June 23, 2017

तहज़ीब

sikha nhi pati hain jo tahjib hme insano ki

yaki kro vo moti moti sbhi kitabe jahil hai


सिखा नहीं पाते हैं जो तहज़ीब हमें इंसानों के
यकीं करों वो  मोटी - मोटी सभी किताबें ज़ाहिल हैं।

 BY
 प्रीति सुमन



Thursday, May 18, 2017

एक औरत की वेदना

तुम नाराज हो मुझसे
पर मैं तुम्हें नही मनाऊंगी
क्यूंकि,मैं भी नाराज हूँ तुमसे।
तुम इस लिए नाराज हो की मैं 
वक़्त पर तुम्हारे मोज़े नही दे पाती।
मैं इसलिए नाराज़ हूँ की तुम 
मुझे ही वक़्त नही दे पाते।
तुम्हे बुरा लगा की मैंने तुम्हारी बात नही मानी ,
मुझे बुरा लगा की तुम थोपते हो अपनी मनमानी।
तुम्हे लगता है कि निकलने लगे हैं मेरे पर ।
मुझे लगता है पिंजरे जैसा हो गया है घर ।
तुम रूठ गये की तुम्हे मैं मनाने आउंगी।
सही हूँ ,पर औरत हूँ, हार जाउंगी।
एक औरत की वेदना ।

Friday, February 10, 2017

चाहतें नही मरती

लोग मरते हैं कभी चाहतें नही मरती ,
मुझे जीने के लिए ये भरम जरूरी है।

HAPPY VALENTINE DAY 2017

HAPPY VALENTINE DAY

पत्थर में उसे चुनवाया गया,
सौ पर्दे बिच छुपाया गया ।

हर बार प्रेम ने वही ज़िद की,
हर बार उसे ठुकराया गया।

कह पागल प्रेम बुलाया गया ,
नफ़रत से नीचे गिराया गया ।

इतने से जब जी नही भरा ,
फांसी पर प्रेम लटकाया गया।

आख़िर में वो जग छोड़ गया ,
तब शौक़ से शोक मनाया गया।

घर देख़ के ख़ाली प्रेम का फ़िर,
परदेशिया लव को मंगाया गया।

आधुनिकता का चश्मा देकर ,
दुनियां को यूँ भरमाया गया ।

अब प्रेम बन गया देह भूख ,
वेलेंटाइन डे पर्व मनाया गया ।

अब प्रेम नही पुरखों खुश हो,
तेरा पौरुष तो नही जाया गया।

उस जगह गलत ने घर कर ली,
जिस जगह से सही मिटाया गया ।

अब प्रेम नही न प्रीति है ,
नयनों के सुख की रीति है।

लो हारी अपनी संस्कृति है,
पाश्चात्य सभ्यता जीती है ।