Theme of this blog is love and emotions attached . Songs , Gajals , Shayri written on this blog are completely my personal vies and feelings which i put into words. You can find different kind of emotion related to love and passion arranged into words which will touch your heart.
Friday, June 23, 2017
Thursday, June 22, 2017
Thursday, May 18, 2017
एक औरत की वेदना
तुम नाराज हो मुझसे
पर मैं तुम्हें नही मनाऊंगी
क्यूंकि,मैं भी नाराज हूँ तुमसे।
पर मैं तुम्हें नही मनाऊंगी
क्यूंकि,मैं भी नाराज हूँ तुमसे।
तुम इस लिए नाराज हो की मैं
वक़्त पर तुम्हारे मोज़े नही दे पाती।
मैं इसलिए नाराज़ हूँ की तुम
मुझे ही वक़्त नही दे पाते।
Friday, February 10, 2017
HAPPY VALENTINE DAY 2017
HAPPY VALENTINE DAY
पत्थर में उसे चुनवाया गया,
सौ पर्दे बिच छुपाया गया ।
हर बार प्रेम ने वही ज़िद की,
हर बार उसे ठुकराया गया।
कह पागल प्रेम बुलाया गया ,
नफ़रत से नीचे गिराया गया ।
इतने से जब जी नही भरा ,
फांसी पर प्रेम लटकाया गया।
आख़िर में वो जग छोड़ गया ,
तब शौक़ से शोक मनाया गया।
घर देख़ के ख़ाली प्रेम का फ़िर,
परदेशिया लव को मंगाया गया।
आधुनिकता का चश्मा देकर ,
दुनियां को यूँ भरमाया गया ।
अब प्रेम बन गया देह भूख ,
वेलेंटाइन डे पर्व मनाया गया ।
अब प्रेम नही पुरखों खुश हो,
तेरा पौरुष तो नही जाया गया।
उस जगह गलत ने घर कर ली,
जिस जगह से सही मिटाया गया ।
अब प्रेम नही न प्रीति है ,
नयनों के सुख की रीति है।
लो हारी अपनी संस्कृति है,
पाश्चात्य सभ्यता जीती है ।
पत्थर में उसे चुनवाया गया,
सौ पर्दे बिच छुपाया गया ।
हर बार प्रेम ने वही ज़िद की,
हर बार उसे ठुकराया गया।
कह पागल प्रेम बुलाया गया ,
नफ़रत से नीचे गिराया गया ।
इतने से जब जी नही भरा ,
फांसी पर प्रेम लटकाया गया।
आख़िर में वो जग छोड़ गया ,
तब शौक़ से शोक मनाया गया।
घर देख़ के ख़ाली प्रेम का फ़िर,
परदेशिया लव को मंगाया गया।
आधुनिकता का चश्मा देकर ,
दुनियां को यूँ भरमाया गया ।
अब प्रेम बन गया देह भूख ,
वेलेंटाइन डे पर्व मनाया गया ।
अब प्रेम नही पुरखों खुश हो,
तेरा पौरुष तो नही जाया गया।
उस जगह गलत ने घर कर ली,
जिस जगह से सही मिटाया गया ।
अब प्रेम नही न प्रीति है ,
नयनों के सुख की रीति है।
लो हारी अपनी संस्कृति है,
पाश्चात्य सभ्यता जीती है ।
Monday, November 14, 2016
Subscribe to:
Posts (Atom)



