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Thursday, July 24, 2014

हो बड़े नादान तुम ( shubh ratri mitro'n)

हो बड़े नादान तुम तो ,  
आजमाते हो वफा को ,
 
उड़ रहे जो आसमां में ,  
हो रहेगा हादसा तो ,  
 
रूठ कर ना यूँ रहो अब ,  
जाने जाँ न यूँ सजा दो , 
 
प्यार ये अब कम न होगा ,  
चाहे तुम हमको मिटा दो , 
 
हो गई अब रात आधी ,  
रौशनी अब तो बुझा दो ।





10 comments:

  1. आपकी लिखी रचना शनिवार 26 जुलाई 2014 को लिंक की जाएगी...............
    http://nayi-purani-halchal.blogspot.in आप भी आइएगा ....धन्यवाद!

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  2. ji shukriya yashoda agrawal ji r m awashya aaungi

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  3. yashoda ji वर्ड व्हेरिफिकेशन to kb ka hta diya gya h... agar fir v koi smsya h to m jld se jld htane ki koshish krti hu

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  4. वाह बहुत खूबसूरत

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  5. शुक्रिया आपका Smita Singh ji

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  6. Smita Singh ji अब आप से वर्ड वेरिफिकेशन नही माँगा जायेगा। ....... धन्यवाद

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  7. Bahut sunder gazal prity suman ji... Badhaayi..

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  8. बहुत खूबसूरत

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  9. बहुत - बहुत आभार Lekhika 'Pari M Shlok ji

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  10. शुक्रिया आपका Anusha Mishra ji

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