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Tuesday, June 25, 2013

मना लिया करो

आये और चला जाए मुहब्बत नही है वो ।
जो दिल में ठहर जाए मुहब्बत उसे कहो  ।

मैं ही कहूँ हर बार मुहब्बत मुझे तुमसे ,
तुम भी तो कभी हाले दिल बयाँ किया करो ।

कोई कम निभाया और कोई ज्यादा निभा गया  ,
दोस्तों में ऐसी छोटी बातें ना किया करो ।

ये बिच की दुरी जो मिटानी है हमनवा ,,
कुछ हम चला करें तो कुछ तुम चला करो ।

अच्छा है मुहब्बत हुई नफरत नही हुई ,
दिल नही जला खुदा का शुक्रिया करो ।

मैं गुस्सा करूं नाराज हूँ या बात ना करूँ ,,
ये प्यार है मेरा न तुम दिल पे लिया करो ।

तुमने दुखाया दिल मेरा तुमको चलो हक था ,
पर ज्यादा न सताया करो मना लिया करो ।

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